तुमरी नगरी आशीष बरसे, हमरी नगरी लानत
तुमरी नगरी आशीष बरसे, हमरी नगरी लानत ( श्राप ) ;
तुमरी नगरी में खुशियां हैं, हमरी में है आफत। "
" तुमरी नगरी छम-छम चमके, हमरी में अंधियारा ( अंधियारा ) ;
तुम ज्योति हो, तुम जीवन हो, तुम कल्याण हमारा
( तुम कल्याण हमारा ) ।
यीशु जी कभी आओ - 2
तुम हमरी नगरिया में, ( हो नगरिया में ) ( 2x4 )
यीशु जी कभी आओ
तुम हमरी नगरिया में, ( हो नगरिया में ) ( 2x2)
यीशु जी कभी आओ
तुम हमरी नगरिया में (2x4)
जी भर के - 2 तुम्हें देखूँ
बंद कर लूँ नजरिया में ( नजरिया में )
जी भर के तुम्हें देखूँ
बंद कर लूँ नजरिया में ( नजरिया में ) (2x2)
1) पापों से भरे मन को, धो दीजे ये विनती है - 3
मैं बांध के लाया हूँ - 2
पापों की गठरिया में ( हो गठरिया में )
मैं बांध के लाया हूँ,
पापों की गठरिया में ( गठरिया में ) (2x2)
गठरिया में .......पापों को ......
बांध के लाया हूं ...... मैं पापों को ।
मैं बांध के लाया हूँ,
पापों की गठरिया में ( गठरिया में ) (2x2)
2) इंसान गुनाहों से बेदाग नहीं लेकिन - 3
एक दाग नहीं देखा - 2
बस तेरी चदरिया में ( हो चदरिया में )
एक दाग नहीं देखा
बस तेरी चदरिया में ( हो चदरिया में ) (2x2)
3) जिसने भी शिफाया भी ,
पायी वो ही ये कहता है (2x3)
हिकमत-ओ-शफ़ाक़त है - 2
इस नाम-ए-नसरिया में ( नासारिया में )
हिकमत-ओ-शफ़ाक़त है
इस नाम-ए-नसरिया में ( नासारिया में ) (2x2)
4) मुक्ति के मसीहा से, मुक्ति को करो हासिल - 3
ये चीज़ - 2 नहीं बिकती
किसी और बजरिया में
ये चीज़ नहीं बिकती
किसी और बजरिया में (2x2)
मुक्ति दिलाए यीशु नाम , शान्ति दिलाए यीशु नाम
जिसने तेरा दामन छुआ - 2
पाई शिफा उसी आन - 2
मुक्ति दिलाए यीशु नाम , शांति दिलाए यीशु नाम
5) मुंजी (मुक्तिदाता) से सलाम अपनी
तौबा अभी कर लीजे (2x3)
फिर वक़्त कहाँ होगा - 2
जाओगे कबरिया में ( हो कबरिया में )
फिर वक़्त कहाँ होगा
जाओगे कबरिया में ( हो कबरिया में )
